राजगढ़
राजगढ़ जिला अस्पताल से हाल ही में स्वैच्छिक स्थानांतरण लेकर नीमच पहुंची महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा सिंह को उनके व्हाट्सएप स्टेटस के कारण निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनके स्टेटस को विभागीय आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए यह कार्रवाई की।
व्हाट्सएप स्टेटस के कारण सस्पेंड की गई डॉ. आकांक्षा सिंह का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान जिला अस्पताल खरगोन को बनाया गया है। फिलहाल ये घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या है मामला
राजगढ़ से नीमच ट्रांफसर होकर पहुंची डॉ. आकांक्षा सिंह ने 27 मई को अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था “याद रहे स्वयं के व्यय पर और अपनी मनचाही जगह पर… पीछा छूटा… अपना तो…” इसके साथ ही उन्होंने एक और टिप्पणी में लिखा, “नोट: लेटर हेड पर जिन आदरणीय ने उछल-उछलकर लिख कर दिया था कि हमारा ट्रांसफर कर दिया जाए, वह अपनी एप्लिकेशन डस्टबिन से उठा लें, वह वहीं पड़ी है अब तक।” बस इसी के बाद ये बवाल खड़ा हो गया। इस स्टेटस को लेकर खूब चर्चा हुई और आखिरकार उनपर विभागीय एक्शन लिया गया है।
विभाग ने किया सस्पेंड
हालांकि इस स्टेटस में किसी का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसकी भाषा और संदर्भ को सरकारी सेवक के मर्यादित आचरण के खिलाफ माना। निलंबन आदेश के अनुसार डॉ. सिंह का मुख्यालय अब जिला अस्पताल खरगोन होगा। जानकारी के अनुसार, डॉ. आकांक्षा सिंह ने हाल ही में राजगढ़ से नीमच स्थानांतरण की स्वैच्छिक मांग की थी, जिसे विभाग ने स्वीकार करते हुए उन्हें नई पोस्टिंग दी थी। लेकिन स्थानांतरण के बाद उनका व्हाट्सएप स्टेटस चर्चा का विषय बन गया और अब इसे लेकर कठोर कदम उठाते हुए विभागीय कार्रवाई की गई है।

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