भोपाल
केयरटेकर ने पैसों के लिए उनका गला दबोचा और धमकाया। केयरटेकर का नाम रफीक है जो निजी एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था ।वो डरा धमकाकर पैसे ऐंठना चाहता था।
संयोग से एक्स डीजीपी के घर खाना बनाने का काम करने वाली गीता उसी समय घर पहुंची और गीता को देखकर रफीक ने कदम पीछे खींचे।एचएम जोशी 1948 बैच के रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर हैं और 80 के दशक में मध्यप्रदेश के डीजीपी रहे। जोशी केयरटेकर के हर महीने 18 से 20 हजार रुपये तन्खा भी देते थे। एक्स डीजीपी ने हबीबगंज पुलिस थाने में मामले की शिकायत की है।

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