भोपाल
मध्य प्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 80 लाख टन गेहूं खरीदा जाएगा। केंद्र सरकार ने प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य 2,425 रुपये निर्धारित किया है लेकिन मोहन सरकार 2,600 रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी। उपार्जन की शुरूआत एक मार्च को इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से होगी। बाकी संभागों में 17 मार्च से पांच मई 2025 तक गेहूं उपार्जन केंद्रों पर लिया जाएगा। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अभी तक लगभग तीन लाख किसान पंजीयन करा चुके हैं।
मध्य प्रदेश में सरकारी गेहूं में आई 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी
भुगतान के लिए उत्तर प्रदेश का माडल लागू करने की तैयारी है, जिसमें उपज विक्रय के 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाता है। मध्य प्रदेश देश के उन प्रमुख राज्यों में शामिल है, जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से उपज खरीदी जाती है।
केंद्र सरकार के लिए विकेंद्रीकृत प्रणाली के अंतर्गत राज्य नागरिक आपूर्ति निगम और राज्य सहकारी विपणन संघ उपार्जन का का काम करते हैं। लगभग चार हजार केंद्रों पर उपार्जन होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसकी तैयारी प्रारंभ कर दी है। उपार्जन पोर्टल पर किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार 80 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके हिसाब से बोरे सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।

More Stories
एमपी में दो सिस्टम की आंधी-बारिश, 28 जिलों में अलर्ट; ग्वालियर और जबलपुर भी भीगेंगे, 50Km/घंटा की रफ्तार
सोनम के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची मेघालय सरकार, राज्य ने कहा- ईस्ट खासी हिल्स सेशंस कोर्ट का बेल ऑर्डर रद्द हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक बंडारू ने की भेंट