मुंबई
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाकुंभ में उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी के न पहुंचने को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी को कुंभ में स्नान करने जाना चाहिए था। उन्होंने वहां न जाकर हिंदुओं का अपमान किया है।
आठवले ने कहा कि महाकुंभ में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यह अवसर 144 साल बाद आया था। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे को स्नान करने जाना चाहिए था। इन नेताओं को हिंदू वोटरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था, खासकर जब वे खुद हिंदू हैं। उनका मानना है कि उद्धव ठाकरे, जो हमेशा हिंदुत्व की बात करते रहे हैं, का इस अवसर पर नहीं जाना गलत है और यह हिंदुओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि हिंदू वोटरों को इन नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए और चुनावों में इन्हें सबक सिखाना चाहिए। मुस्लिम वोटरों को लुभाने के कारण वे महाकुंभ में नहीं गए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम वोट बीजेपी को भी मिलते हैं, इसलिए उन्हें यह कदम उठाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का नेतृत्व देश को आगे बढ़ा रहा है और ये दोनों नेता मोदी के खिलाफ जो नाराजगी दिखा रहे हैं, उसका उन्हें कोई फायदा नहीं होगा।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी द्वारा बीजेपी पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं और उनकी जगह महात्मा गांधी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लगाईं। इस पर रामदास आठवले ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने कभी आंबेडकर की तस्वीर नहीं हटाई, और शायद यह काम आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही आंबेडकर की तस्वीर फिर से लगाई जाएगी।
तेलंगाना सरकार द्वारा तेलुगु को स्कूलों में अनिवार्य विषय बनाने के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि हिंदी का विरोध करना ठीक नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर तेलंगाना में तेलुगु को महत्व दिया जा रहा है तो यह भी ठीक है, जैसे महाराष्ट्र में मराठी भाषा काे महत्व दिया जाता है।
आठवले ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छे कार्य कर रहे हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे को "फिक्सर" कहना गलत है। उन्होंने कहा कि शिंदे एक अच्छे कार्यकर्ता रहे हैं और बालासाहेब ठाकरे ने उन्हें बड़ा सम्मान दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उद्धव ठाकरे बीजेपी के साथ आते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन बीजेपी को उनकी जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके पास बहुमत है।

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